
कांग्रेस ने शुक्रवार को एनडीए घटक दल की मीटिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एनडीए शब्द के बार-बार इस्तेमाल को लेकर तंज कसा। कांग्रेस का कहना था कि पिछले दस सालों में नरेंद्र मोदी ने जितनी बार एनडीए का जिक्र नहीं किया होगा, उससे ज्यादा जिक्र तो उन्होंने शुक्रवार को अपने संबोधन में किया है। कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा का कहना था कि अब ‘एनडीए’ का मतलब ‘नीतीश/नायडू डिपेंडेंट अलायंस’ हो गया है। खेड़ा ने दावा किया कि पहले कहा जाता था कि अकेला मोदी सब पर भारी है। पहले मोदी की गारंटी की बात की जाती थी। अब एनडीए की गारंटी की बात हो रही है। लेकिन नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को पता है कि मोदी की गारंटी का कोई भरोसा नहीं है, इसलिए वे भी अब भरोसा नहीं करते।
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कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संविधान की प्रति को माथे से लगाने पर भी निशाना साधा। कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना था कि नरेंद्र मोदी ने पिछले दस सालों में जिस संविधान पर बार-बार हमला किया, अब उसे सिर माथे से लगा रहे हैं। रमेश ने कहा कि मोदी एनडीए में नई जान फूंकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन संविधान का सम्मान करने का उनका यह प्रयास केवल दिखावा है। खेड़ा ने कहा कि नरेंद्र मोदी अब एनडीए का नाम लेकर उसे पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं। एनडीए जो कभी अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में एक मजबूत गठबंधन था, अब केवल एक नाम बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि एनडीए के कई पुराने साथी अब गठबंधन छोड़ चुके हैं और अब यह गठबंधन केवल नाम का रह गया है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में एनडीए का जिक्र कर यह साबित कर दिया है कि भाजपा अकेले चुनाव नहीं लड़ सकती। खेड़ा ने कहा कि अब मोदी को नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अब भी पुराने सहयोगियों को मनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल रही है। कांग्रेस ने एनडीए के संदर्भ में कहा कि यह गठबंधन अब पहले जैसा नहीं रहा। अब एनडीए का मतलब ही बदल गया है। उन्होंने कहा कि अब एनडीए का मतलब ‘नीतीश/नायडू डिपेंडेंट अलायंस’ हो गया है। पहले मोदी की गारंटी पर भरोसा किया जाता था, लेकिन अब किसी को उस गारंटी पर विश्वास नहीं है।
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कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को दिखावा करार दिया और कहा कि यह केवल एनडीए को पुनर्जीवित करने की कोशिश है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मोदी अब भी पुराने सहयोगियों को मनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल रही है। मोदी अब भी एनडीए को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह संभव नहीं है।