CM Arvind Kejriwal - chaupalkhabar.com https://chaupalkhabar.com Mon, 16 Sep 2024 08:00:46 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://chaupalkhabar.com/wp-content/uploads/2024/08/cropped-Screenshot_2024-08-04-18-50-20-831_com.whatsapp-edit-32x32.jpg CM Arvind Kejriwal - chaupalkhabar.com https://chaupalkhabar.com 32 32 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा, राजनीतिक हलचल और चुनौतियों पर विशेषज्ञों की राय https://chaupalkhabar.com/2024/09/16/chief-minister-of-delhi/ https://chaupalkhabar.com/2024/09/16/chief-minister-of-delhi/#respond Mon, 16 Sep 2024 08:00:46 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=4902 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल से रिहाई के दो दिन बाद रविवार को सीएम पद से इस्तीफा देने की घोषणा की, जिससे दिल्ली की राजनीति में खलबली मच गई है। केजरीवाल ने कहा कि वह अगले दो दिनों में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और जनता के फैसले तक मुख्यमंत्री की कुर्सी …

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल से रिहाई के दो दिन बाद रविवार को सीएम पद से इस्तीफा देने की घोषणा की, जिससे दिल्ली की राजनीति में खलबली मच गई है। केजरीवाल ने कहा कि वह अगले दो दिनों में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और जनता के फैसले तक मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं संभालेंगे। उनकी इस घोषणा ने दिल्ली की सियासी गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

केजरीवाल ने कहा कि वह इस्तीफे के बाद दिल्ली की गलियों और लोगों के बीच जाएंगे ताकि जनता से सीधे संवाद कर सकें। उन्होंने कहा कि जब तक जनता का निर्णय नहीं आता, वह मुख्यमंत्री पद नहीं संभालेंगे। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि आगामी विधानसभा चुनाव तक राज्य की बागडोर कौन संभालेगा।केजरीवाल की इस्तीफे की घोषणा को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसे एक “राजनीतिक नाटक” बता रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक विशेषज्ञ इस कदम को केजरीवाल की रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

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सुप्रसिद्ध चुनाव विश्लेषक और नवभारत टाइम्स के पूर्व संपादक रामकृपाल सिंह ने इस पर अपनी राय दी। उन्होंने एबीपी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि केजरीवाल का यह कदम किसी बड़ी राजनीतिक आंधी का संकेत नहीं है। उनका मानना है कि केजरीवाल भले ही खुद को क्रांतिकारी नेता के रूप में प्रस्तुत कर रहे हों, लेकिन उनके लिए आगामी चुनावों में जीत की राह इतनी आसान नहीं होगी। सिंह ने कहा कि “केजरीवाल को छोड़ा गया है, न कि मुख्यमंत्री को।” इसका तात्पर्य है कि अदालत ने उन्हें जमानत दी है, लेकिन इसका सीधा अर्थ यह नहीं कि उन्हें राजनीतिक स्तर पर पूरी तरह समर्थन प्राप्त होगा।

रामकृपाल सिंह के अनुसार, आम आदमी पार्टी (आप) और अरविंद केजरीवाल के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ खड़ी हैं। नवंबर में चुनाव होने की संभावना है, लेकिन केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए चुनावी जीत सुनिश्चित करना कठिन हो सकता है। सिंह ने कहा कि केजरीवाल भगत सिंह का उदाहरण देकर खुद को एक क्रांतिकारी नेता के रूप में पेश कर रहे हैं, लेकिन यह तुलना सटीक नहीं है। उनका मानना है कि केजरीवाल वर्तमान स्थिति का लाभ उठाकर खुद को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे उनकी चुनावी स्थिति मजबूत नहीं होगी।

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सिंह ने कहा, “अगले साल फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव होंगे। इस दौरान यह देखना होगा कि केजरीवाल अपने इस्तीफे और रणनीति के बावजूद कितनी मजबूती से चुनावी मैदान में उतरते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि आप पार्टी को इस बार कई नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिनसे पार पाना इतना आसान नहीं होगा।

 

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अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, सीबीआई और बचाव पक्ष की दलीलें, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फ़ैसला. https://chaupalkhabar.com/2024/09/05/arvind-kejriwals-bail-2/ https://chaupalkhabar.com/2024/09/05/arvind-kejriwals-bail-2/#respond Thu, 05 Sep 2024 11:09:28 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=4677 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर 5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के आरोपों में आरोपी बनाया है। ईडी के मामले में केजरीवाल को पहले ही …

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर 5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के आरोपों में आरोपी बनाया है। ईडी के मामले में केजरीवाल को पहले ही जमानत मिल चुकी है, लेकिन आज सीबीआई मामले में उनकी जमानत याचिका पर बहस हो रही है। इस सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखा, जबकि सीबीआई की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने जिरह की।

एएसजी एसवी राजू ने शुरुआत में सवाल उठाया कि केजरीवाल ने ट्रायल कोर्ट को दरकिनार कर सीधे सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका क्यों दायर की। राजू ने तर्क दिया कि मामले में पहले मनीष सिसोदिया, के कविता और अन्य आरोपी ट्रायल कोर्ट से होते हुए हाईकोर्ट पहुंचे थे, फिर अरविंद केजरीवाल को भी उसी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था। राजू ने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि केजरीवाल कोई ‘विशेष’ व्यक्ति हैं, जिन्हें अलग तरह की कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि ईडी मामले में केजरीवाल को ट्रायल कोर्ट से ही जमानत मिली थी, इसलिए उन्हें सीबीआई मामले में भी पहले ट्रायल कोर्ट जाना चाहिए।

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इसके अलावा, एएसजी राजू ने कहा कि हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था और ट्रायल कोर्ट में जाने का विकल्प दिया था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जमानत याचिका दायर करते समय केजरीवाल ने चार्जशीट दाखिल होने का इंतजार नहीं किया था, जो कि कानूनी दृष्टिकोण से गलत है। उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट ने अभी तक गुण-दोष पर विचार नहीं किया है और अगर सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलती है, तो इससे उच्च न्यायालय की प्रक्रिया कमजोर हो जाएगी। अरविंद केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलीलों की शुरुआत करते हुए कहा कि यह शायद पहला मामला है, जिसमें किसी व्यक्ति को दो बार जमानत मिल चुकी है, फिर भी उसे रिहा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने उनके मुवक्किल को दो साल तक गिरफ्तार नहीं किया और अब अचानक उनकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।

सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि केजरीवाल का नाम एफआईआर में नहीं था और उन्हें अप्रैल 2023 में एक गवाह के रूप में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सिंघवी ने आगे कहा कि सीबीआई ने अभी तक केजरीवाल के खिलाफ कोई नया ठोस सबूत नहीं पेश किया है। केवल एक पुराने बयान के आधार पर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। सिंघवी ने यह भी तर्क दिया कि केजरीवाल न तो फ्लाइट रिस्क (भागने का खतरा) हैं, और न ही वे सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल एक संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए उनके विदेश भागने का सवाल ही नहीं उठता।

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सिंघवी ने आगे कहा कि केजरीवाल को पहले से ही तीन बार जमानत मिल चुकी है, जिसमें ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश शामिल हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि अब केजरीवाल को फिर से ट्रायल कोर्ट में भेजना उचित नहीं होगा, क्योंकि इससे केवल देरी होगी और मामले की सुनवाई लंबी खिंच सकती है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस भुय्यां की बेंच ने सुनवाई के दौरान कई टिप्पणियाँ कीं। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यदि हाईकोर्ट को इस मामले में पहले ही आदेश देना चाहिए था जब उन्होंने नोटिस जारी किया। वहीं जस्टिस भुय्यां ने कहा कि हाईकोर्ट ने फैसला लिखने में 7 दिन का समय लिया, जबकि उन्हें तुरंत निर्णय देना चाहिए था।

जब एएसजी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उच्च न्यायालय के मनोबल को कमजोर कर सकता है, तो जस्टिस भुय्यां ने इसे खारिज करते हुए कहा कि ऐसा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के पास अभी भी मामला गुण-दोष पर विचार करने का अवसर है। अंततः, जिरह के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि मामले पर फैसला सुनाया जाएगा, लेकिन एएसजी एसवी राजू ने और समय की मांग की।

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स्वतंत्रता दिवस पर आतिशी को नहीं मिलेगा ध्वजारोहण का मौका, केजरीवाल के स्थान पर प्रस्ताव खारिज. https://chaupalkhabar.com/2024/08/13/independence-day-on-fireworks/ https://chaupalkhabar.com/2024/08/13/independence-day-on-fireworks/#respond Tue, 13 Aug 2024 08:17:58 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=4291 स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने के मुद्दे ने दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना के बीच एक नए टकराव को जन्म दे दिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल से छत्रसाल स्टेडियम में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगा फहराने के लिए कैबिनेट मंत्री …

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स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने के मुद्दे ने दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना के बीच एक नए टकराव को जन्म दे दिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल से छत्रसाल स्टेडियम में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगा फहराने के लिए कैबिनेट मंत्री आतिशी को अपनी जगह नामित करने का प्रस्ताव भेजा। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने 6 अगस्त को तिहाड़ जेल से एक पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण करने की जिम्मेदारी आतिशी को सौंपने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने जेल से यह पत्र दिल्ली सरकार के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (जीएडी) को भेजा था। हालांकि, यह पत्र विवाद का कारण बन गया क्योंकि जेल प्रशासन और दिल्ली के जीएडी विभाग ने इस पर आपत्ति जताई।

दिल्ली के जीएडी विभाग ने 9 अगस्त को मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इसे कानूनी रूप से अमान्य करार दिया। जीएडी ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के पास इस तरह का आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है। विभाग ने मंत्री गोपाल राय को लिखे अपने पत्र में कहा कि आतिशी को स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि यह निर्णय कानूनी रूप से सही नहीं है।

जीएडी के इस कदम ने दिल्ली सरकार और राजनिवास के बीच तनाव को और बढ़ा दिया। इससे पहले, 7 अगस्त को गोपाल राय ने तिहाड़ जेल में मुख्यमंत्री केजरीवाल से मुलाकात की थी और उनकी इच्छा के अनुसार जीएडी को आदेश जारी किया था। इसके बावजूद, जीएडी ने इस आदेश को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया। इस बीच, तिहाड़ जेल प्रशासन ने भी केजरीवाल के इस कदम पर नाराजगी जताई। जेल प्रशासन ने कहा कि विचाराधीन कैदी होने के नाते केजरीवाल के पास जेल से बाहर किसी भी प्रकार का शासकीय निर्देश या निवेदन पत्र भेजने का अधिकार नहीं है। जेल प्रशासन ने इस कदम को जेल नियमावली का उल्लंघन बताते हुए इसे विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करार दिया।

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जेल संख्या-दो के अधीक्षक ने 9 अगस्त को केजरीवाल को एक पत्र भेजा, जिसमें इस मामले पर गंभीर आपत्ति दर्ज की गई। अधीक्षक ने लिखा कि विचाराधीन कैदी के रूप में मुख्यमंत्री केजरीवाल पर जेल के नियम लागू होते हैं, जो उनके अधिकारों और विशेषाधिकारों को सीमित करते हैं। अधीक्षक ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि मुख्यमंत्री द्वारा 6 अगस्त को सौंपे गए पत्र की विषय-वस्तु बिना किसी अधिकार के बाहर लीक कर दी गई। जेल प्रशासन ने चेतावनी दी कि यदि विशेषाधिकारों का दुरुपयोग किया गया तो उन्हें कम कर दिया जाएगा।

वहीं, इस विवाद को लेकर भाजपा ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर स्वतंत्रता दिवस समारोह को विवादित करने का आरोप लगाया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आप नेताओं ने जानबूझकर यह भ्रम फैलाया कि इस बार स्वतंत्रता दिवस पर आतिशी तिरंगा फहराएंगी। उन्होंने कहा कि तिहाड़ जेल अधीक्षक के पत्र ने आप नेताओं के झूठ को उजागर कर दिया है।

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सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री जेल से कोई भी शासकीय निर्देश या निवेदन पत्र नहीं भेज सकते, और इस सच्चाई के सामने आने के बाद भी मंत्री गोपाल राय असंवैधानिक आदेश जारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में संविधान विशेषज्ञों से राय लेकर उपराज्यपाल को निर्णय लेना चाहिए। यह पूरा मामला दिल्ली की राजनीति में एक नए अध्याय को जोड़ता है, जहां सरकार और उपराज्यपाल के बीच का संघर्ष एक बार फिर से उभर कर सामने आया है। स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर इस प्रकार का विवाद, न केवल सरकार और राजनिवास के बीच के तनाव को दिखाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि दोनों पक्षों के बीच संवाद की कमी किस प्रकार से संवैधानिक व्यवस्था को चुनौती दे सकती है।

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केजरीवाल ने खुद कोर्ट में दी सफाई, CBI द्वारा दी गई दलील ‘मनीष सिसोदिया दोषी हैं’ पर किया बचाव https://chaupalkhabar.com/2024/06/26/kejriwal-himself-in-court/ https://chaupalkhabar.com/2024/06/26/kejriwal-himself-in-court/#respond Wed, 26 Jun 2024 09:12:33 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=3744 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की शराब नीति घोटाला मामले में सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट में कई महत्वपूर्ण दलीलें प्रस्तुत की हैं। सीबीआई का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में सारा दोष अपने साथी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर मढ़ दिया है। सीबीआई का कहना है कि निजीकरण …

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की शराब नीति घोटाला मामले में सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट में कई महत्वपूर्ण दलीलें प्रस्तुत की हैं। सीबीआई का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में सारा दोष अपने साथी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर मढ़ दिया है। सीबीआई का कहना है कि निजीकरण का विचार मनीष सिसोदिया का ही था और केजरीवाल इस मामले में अपनी भूमिका से बचने की कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली एक्साइज पॉलिसी स्कैम केस में फंसे अरविंद केजरीवाल को फिलहाल कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। मंगलवार को हाईकोर्ट ने उनकी जमानत पर रोक लगा दी, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। इसी के साथ, सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए तिहाड़ जेल में पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। बुधवार की सुबह, सीबीआई केजरीवाल की रिमांड लेने के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंची, जहां सीबीआई और केजरीवाल के वकीलों के बीच कड़ी बहस हुई।

सीबीआई ने कोर्ट में यह दावा किया कि अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि वे विजय नायर को नहीं पहचानते और नायर आतिशी और सौरभ भारद्वाज के अधीन काम कर रहे थे। सीबीआई का कहना है कि केजरीवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है ताकि सच का पता लगाया जा सके। सीबीआई के वकील ने अदालत में कहा कि केजरीवाल ने अपने बयान में मनीष सिसोदिया पर सारा दोष डाल दिया है और यह दावा किया है कि निजीकरण की नीति का विचार सिसोदिया का था।

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सीबीआई का मानना है कि अरविंद केजरीवाल ने जानबूझकर मनीष सिसोदिया पर दोष मढ़ा है ताकि खुद को इस घोटाले से बचा सकें। सीबीआई के वकील ने अदालत को बताया कि केजरीवाल को कई दस्तावेजों का सामना करना पड़ेगा और उनसे संबंधित सवालों के जवाब देने होंगे। सीबीआई का कहना है कि केजरीवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए ताकि इस मामले की सच्चाई सामने आ सके। इस बीच, केजरीवाल के वकील ने अदालत में जोरदार दलीलें पेश कीं और कहा कि उनके मुवक्किल को फंसाया जा रहा है। वकील का कहना है कि केजरीवाल का इस घोटाले में कोई हाथ नहीं है और उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।

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कोर्ट में चल रही इन दलीलों के बीच, इस मामले में क्या निर्णय आएगा यह देखना बाकी है। फिलहाल, अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं और सीबीआई का उन पर शिकंजा कसता जा रहा है। इस मामले में आगे की कार्रवाई और न्यायालय का फैसला क्या होगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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दिल्ली जल संकट: जल मंत्री आतिशी का अनिश्चितकालीन अनशन खत्म, अस्पताल में भर्ती, AAP ने उठाई मांग https://chaupalkhabar.com/2024/06/25/delhi-water-crisis-water-minister-a/ https://chaupalkhabar.com/2024/06/25/delhi-water-crisis-water-minister-a/#respond Tue, 25 Jun 2024 07:02:41 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=3717 दिल्ली की जल मंत्री आतिशी पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर थीं। उनकी मांग थी कि दिल्ली के 28 लाख लोगों को 623 MGD पानी दिया जाए, क्योंकि 100 MGD पानी लगातार कम आ रहा था। इसी कारण आतिशी ने अनशन किया था। आम आदमी पार्टी (AAP) ने अब दिल्ली सरकार में जल मंत्री …

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दिल्ली की जल मंत्री आतिशी पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर थीं। उनकी मांग थी कि दिल्ली के 28 लाख लोगों को 623 MGD पानी दिया जाए, क्योंकि 100 MGD पानी लगातार कम आ रहा था। इसी कारण आतिशी ने अनशन किया था। आम आदमी पार्टी (AAP) ने अब दिल्ली सरकार में जल मंत्री आतिशी के अनशन को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली में पानी की मांग को उठाने की योजना बना रहे हैं। AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, “अनिश्चितकालीन अनशन पर विराम लगाया जा रहा है। मौसम ठीक हुआ है, बारिश हुई है, 10 MGD पानी बढ़ा है, स्थिति बेहतर होगी। पार्टी विपक्षी दलों के साथ संसद में दिल्ली के पानी का मुद्दा उठाएगी।”

दिल्ली की जल मंत्री आतिशी पिछले पांच दिनों से अनशन पर थीं और आज यानी मंगलवार को उन्हें एलएनजेपी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करवाया गया था। उनकी मांग थी कि दिल्ली के 28 लाख लोगों को 623 MGD पानी दिया जाए, क्योंकि 100 MGD पानी लगातार कम आ रहा था। आतिशी ने हरियाणा सरकार, दिल्ली के LG और प्रधानमंत्री से दिल्ली के हक का पानी मांगा था, लेकिन उनकी गुहार अभी तक नहीं सुनी गई। आम आदमी पार्टी ने बताया कि 1994 में दिल्ली के पानी का कोटा 1005 MGD तय हुआ था, जबकि आज दिल्ली की आबादी 3 करोड़ से ज्यादा है। इसके बावजूद दिल्ली का पानी का कोटा 1005 MGD ही है, लेकिन इस पानी से भी दिल्ली की जल मंत्री आतिशी पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर थीं। उनकी मांग थी कि दिल्ली के 28 लाख लोगों को 623 MGD पानी दिया जाए, क्योंकि 100 MGD पानी लगातार कम आ रहा था। इसी कारण आतिशी ने अनशन किया था।

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आम आदमी पार्टी (AAP) ने अब दिल्ली सरकार में जल मंत्री आतिशी के अनशन को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली में पानी की मांग को उठाने की योजना बना रहे हैं। AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, “अनिश्चितकालीन अनशन पर विराम लगाया जा रहा है। मौसम ठीक हुआ है, बारिश हुई है, 10 MGD पानी बढ़ा है, स्थिति बेहतर होगी। पार्टी विपक्षी दलों के साथ संसद में दिल्ली के पानी का मुद्दा उठाएगी।” दिल्ली की जल मंत्री आतिशी पिछले पांच दिनों से अनशन पर थीं और आज यानी मंगलवार को उन्हें एलएनजेपी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करवाया गया था। उनकी मांग थी कि दिल्ली के 28 लाख लोगों को 623 MGD पानी दिया जाए, क्योंकि 100 MGD पानी लगातार कम आ रहा था। आतिशी ने हरियाणा सरकार, दिल्ली के LG और प्रधानमंत्री से दिल्ली के हक का पानी मांगा था, लेकिन उनकी गुहार अभी तक नहीं सुनी गई। आम आदमी पार्टी ने बताया कि 1994 में दिल्ली के पानी का कोटा 1005 MGD तय हुआ था, जबकि आज दिल्ली की आबादी 3 करोड़ से ज्यादा है। इसके बावजूद दिल्ली का पानी का कोटा 1005 MGD ही है, लेकिन इस पानी से भी कटौती की जा रही है। दिल्ली के लोग लगातार तीन बार से 7 सांसद जिता रहे हैं।

सांसद संजय सिंह ने बताया की बीजेपी कोई विज्ञान बता दे कि पानी कैसे बनाया जाए। जब पानी नहीं मिलेगा तो प्रोडक्शन कैसे होगा?” उन्होंने आगे कहा कि आतिशी अन्न त्याग कर अनशन पर बैठी रहीं। डॉक्टर्स ने अनशन तोड़ने की सलाह दी, लेकिन कल रात उनकी तबीयत बिगड़ गई। LNJP हॉस्पिटल और अपोलो हॉस्पिटल में आतिशी का बल्ड सैंपल चेक कराया गया, जिसमें बल्ड शुगर लेवल 36 पाया गया। डॉक्टर्स ने कहा कि अगर हॉस्पिटल में एडमिट नहीं किया गया तो आतिशी का जीवन संकट में पड़ सकता है। संजय सिंह ने बताया कि रात को पार्टी नेताओं ने आपस में विचार-विमर्श किया और रात 3.30 बजे आतिशी को LNJP अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया। आतिशी अब भी ICU में भर्ती हैं। ईश्वर से कामना है कि वह जल्द ठीक हो जाएं।कटौती की जा रही है। दिल्ली के लोग लगातार तीन बार से 7 सांसद जिता रहे हैं।

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सांसद संजय सिंह ने कहा, “बीजेपी कोई विज्ञान बता दे कि पानी कैसे बनाया जाए। जब पानी नहीं मिलेगा तो प्रोडक्शन कैसे होगा?” उन्होंने आगे कहा कि आतिशी अन्न त्याग कर अनशन पर बैठी रहीं। डॉक्टर्स ने अनशन तोड़ने की सलाह दी, लेकिन कल रात उनकी तबीयत बिगड़ गई। LNJP हॉस्पिटल और अपोलो हॉस्पिटल में आतिशी का बल्ड सैंपल चेक कराया गया, जिसमें बल्ड शुगर लेवल 36 पाया गया। डॉक्टर्स ने कहा कि अगर हॉस्पिटल में एडमिट नहीं किया गया तो आतिशी का जीवन संकट में पड़ सकता है। संजय सिंह ने बताया कि रात को पार्टी नेताओं ने आपस में विचार-विमर्श किया और रात 3.30 बजे आतिशी को LNJP अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया। आतिशी अब भी ICU में भर्ती हैं। ईश्वर से कामना है कि वह जल्द ठीक हो जाएं।

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अरविंद केजरीवाल को राहत मिलेगी या नहीं ? जमानत याचिका पर आज दिल्ली की अदालत में सुनवाई जारी https://chaupalkhabar.com/2024/06/20/relief-to-arvind-kejriwal/ https://chaupalkhabar.com/2024/06/20/relief-to-arvind-kejriwal/#respond Thu, 20 Jun 2024 06:41:18 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=3652 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नियमित जमानत याचिका और मेडिकल जांच के दौरान पत्नी की मौजूदगी को लेकर दायर आवेदन पर आज बृहस्पतिवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हो रही है। पिछली सुनवाई में केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि पूरा मामला केवल गवाहों के बयान पर आधारित है। वहीं, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) …

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नियमित जमानत याचिका और मेडिकल जांच के दौरान पत्नी की मौजूदगी को लेकर दायर आवेदन पर आज बृहस्पतिवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हो रही है। पिछली सुनवाई में केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि पूरा मामला केवल गवाहों के बयान पर आधारित है। वहीं, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने केजरीवाल की जमानत याचिका का विरोध किया था। आज सुनवाई के दौरान अदालत में अरविंद केजरीवाल और ईडी के वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे एएसजी एसवी राजू ने राउज एवेन्यू कोर्ट में कहा कि 7 नवंबर 2021 को अरविंद केजरीवाल होटल ग्रैंड हयात में ठहरे थे। उन्होंने बताया कि दो किस्तों में 1 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इसका भुगतान चनप्रीत सिंह ने अपने बैंक खाते से किया था। एएसजी एसवी राजू ने आगे बताया कि चनप्रीत वह व्यक्ति है जिसने अलग-अलग ‘अंगड़िया’ से 45 करोड़ रुपये लिए थे और उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।

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एएसजी ने यह भी कहा कि इस बात के सबूत हैं कि चनप्रीत ने गोवा में केजरीवाल के होटल का बिल चुकाया था। कोर्ट ने इन तथ्यों के आधार पर केजरीवाल को जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीएम केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 3 जुलाई तक बढ़ा दी थी। न्यायिक हिरासत समाप्त होने के बाद उन्हें जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से मई में उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए 1 जून तक की अंतरिम जमानत दी गई थी। 2 जून को उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

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इस मामले में अब तक कई तथ्यों और गवाहों के बयान सामने आए हैं। अदालत में आज की सुनवाई में केजरीवाल के वकील ने यह तर्क दिया कि गवाहों के बयानों के आधार पर उनके मुवक्किल को दोषी ठहराना उचित नहीं है। वहीं, ईडी ने अपने सबूतों और तथ्यों के आधार पर केजरीवाल की जमानत याचिका का विरोध किया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, राउज एवेन्यू कोर्ट ने आगे की सुनवाई के लिए तारीख तय की है और केजरीवाल की न्यायिक हिरासत को भी बढ़ा दिया है। मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी, जिसमें कोर्ट दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अंतिम निर्णय लेगी।

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ED की ये दलील सुनते ही कोर्ट ने अपना फैसला रखा सुरक्षित, केजरीवाल पर मुकदमा चलाने के पर्याप्त सबूत, AAP के अन्य नेता भी है शामिल https://chaupalkhabar.com/2024/05/28/as-soon-as-the-court-heard-these-arguments/ https://chaupalkhabar.com/2024/05/28/as-soon-as-the-court-heard-these-arguments/#respond Tue, 28 May 2024 13:12:55 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=3428 दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के संबंध में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने ईडी की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश चार जून के लिए सुरक्षित रखा। ईडी ने आरोप पत्र …

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दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के संबंध में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने ईडी की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश चार जून के लिए सुरक्षित रखा। ईडी ने आरोप पत्र में आप पार्टी को भी आरोपी के रूप में नामित किया है, जिससे यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज करने वाला पहला राजनीतिक दल बन गया है।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अदालत में दायर अपने पूरक आरोप पत्र में दावा किया गया है कि उनके पास दिल्ली के सीएम केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। एजेंसी ने केजरीवाल को इस घोटाले का ‘किंगपिन और मुख्य साजिशकर्ता’ बताया है। ईडी का कहना है कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) कथित घोटाले से जुड़े हुए थे, जिसमें अन्य आप नेता और निजी व्यक्ति भी शामिल थे।

ईडी ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल अपराध की आय से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे और इसे 2022 के गोवा विधानसभा चुनावों के लिए आप के अभियान में इस्तेमाल किया गया था। इसके अतिरिक्त, ईडी ने आरोप लगाया है कि पंजाब उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली में शराब कारोबार में अपने निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए उस राज्य के व्यापारियों से रिश्वत ली थी। ईडी ने अपने आरोप पत्र में आम आदमी पार्टी को भी आरोपी के रूप में नामित किया है, जिससे यह पार्टी पीएमएलए के तहत मामला दर्ज करने वाला पहला राजनीतिक दल बन गई है। ईडी का दावा है कि आप शासित पंजाब के उन व्यापारियों को (जिन्होंने भुगतान नहीं किया था) पड़ोसी राज्य में उनके उद्यमों से बाहर कर दिया गया था।

एजेंसी ने अदालत को बताया कि आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल और पार्टी कथित घोटाले से जुड़े हुए थे। ईडी ने कहा कि पार्टी के खिलाफ यह मामला देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है, क्योंकि पहली बार एक राजनीतिक दल को धन शोधन के आरोप में आरोपी बनाया गया है। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने ईडी की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। ईडी के आरोप पत्र में दावा किया गया है कि उनके पास मामले में केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

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अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए चार जून की तारीख निर्धारित की है, जहां न्यायाधीश बावेजा आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के संबंध में अपना फैसला सुनाएंगी। इस दौरान, अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों और दलीलों को प्रस्तुत करने का समय दिया है। इस मामले ने देश की राजनीति में एक बड़ा हड़कंप मचा दिया है। विपक्षी दलों ने इसे केजरीवाल और आप पार्टी के खिलाफ एक गंभीर आरोप माना है, जबकि आप पार्टी ने इसे एक राजनीतिक साजिश और बदले की कार्रवाई बताया है।

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आप पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार इस मामले का इस्तेमाल करके आप पार्टी को बदनाम करने और उसके नेताओं को राजनीतिक तौर पर कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि यह मामला पूरी तरह से बेबुनियाद है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। यदि अदालत ईडी के आरोप पत्र पर संज्ञान लेती है और केजरीवाल और आप पार्टी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देती है, तो यह मामला देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। यह देखना होगा कि इस मामले का आप पार्टी और उसके नेताओं पर क्या प्रभाव पड़ता है और इसके परिणामस्वरूप राजनीतिक समीकरण कैसे बदलते हैं।

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बिभव कुमार को दिल्ली पुलिस द्वारा CM House से गिरफ्तार किया गया स्वाति मालीवाल बदसलूकी केस में चल रहे थे फरार https://chaupalkhabar.com/2024/05/18/bibhav-kumar-to-delhi-police/ https://chaupalkhabar.com/2024/05/18/bibhav-kumar-to-delhi-police/#respond Sat, 18 May 2024 08:43:33 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=3288 आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी मामले में दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी बिभव कुमार को हिरासत में ले लिया है। वह एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहे थे। बता दें, स्वाति मालीवाल ने गुरुवार देर रात एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही पुलिस …

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आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी मामले में दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी बिभव कुमार को हिरासत में ले लिया है। वह एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहे थे। बता दें, स्वाति मालीवाल ने गुरुवार देर रात एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही पुलिस बिभव कुमार की तलाश में जुटी हुई थी। बिभव कुमार को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार थे और आखिरी बार लखनऊ में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ देखे गए थे। पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने भी बिभव की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बिभव कुमार को सीएम आवास से गिरफ्तार किया गया है और उन्हें सिविल लाइंस थाने ले जाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जाएगी।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिभव कुमार मुकदमा दर्ज होने के बाद से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के अंदर ही थे या कहीं और जाकर छिप गए थे। पुलिस का यह भी कहना है कि बिभव को पकड़ने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी और अब उनसे पूछताछ के बाद ही पूरा सच सामने आ पाएगा। वहीं, बिभव कुमार का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील करण शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “हमें अभी तक पुलिस से कोई जानकारी नहीं मिली है। हमने उन्हें एक ई-मेल भेजा है कि हम जांच में सहयोग करेंगे।” करण शर्मा का यह बयान इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा करता है और इस बात पर भी जोर देता है कि आरोपी के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, आप लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष संजीव नासियार ने भी बिभव कुमार की गिरफ्तारी पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमने कोर्ट में अर्जी दाखिल की है कि हमें अभी तक एफआईआर की कॉपी नहीं मिली है। आदेश शाम 4 बजे तक सुरक्षित है लेकिन अब मुझे पता चला है कि उसे बिना किसी सूचना के यहां लाया गया है। अब हम अंदर (सिविल लाइंस पीएस) जाना चाहते हैं लेकिन हमें अंदर जाने से रोका जा रहा है।” संजीव नासियार की इस प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी के अंदर भी इस गिरफ्तारी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

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दिल्ली की मंत्री आतिशी ने इस घटना को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “विभव कुमार जी ने 24 घंटे पहले दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन दिल्ली पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। स्वाति मालीवाल जी के मामले में पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती है। एफआईआर दर्ज कर लेती है और मीडिया में चलवा देती है। वहीं सीएम की सुरक्षा मामले पर पुलिस चुप है।” आतिशी का यह बयान इस बात को उजागर करता है कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और इसे राजनीतिक रंग भी दिया जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। एक ओर जहां पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिभव कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी इस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर रही है। पार्टी का कहना है कि पुलिस ने बिभव कुमार की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वहीं, स्वाति मालीवाल के मामले में पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और एफआईआर दर्ज कर ली।

पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाना स्वाभाविक है, क्योंकि यह मामला न केवल राजनीतिक है बल्कि इसमें एक महिला सांसद के साथ बदसलूकी के आरोप का भी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई को कुछ लोग सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ लोग इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम मान रहे हैं। बिभव कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश करेगी। बिभव कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब सवाल यह भी उठता है कि वह इतने दिनों तक कहां छिपे हुए थे और पुलिस उन्हें क्यों नहीं पकड़ पाई। पुलिस की इस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर बिभव कुमार को मुख्यमंत्री के आवास से ही क्यों गिरफ्तार किया गया और क्या वह इतने दिनों तक वहीं छिपे हुए थे। इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएंगे।

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इस घटना ने दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस गिरफ्तारी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। वहीं, विपक्षी दलों ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं और पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया है। इस पूरे मामले से यह साफ है कि दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और अधिक विवाद हो सकता है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बिभव कुमार के खिलाफ लगे आरोप कितने सही हैं और इस मामले में कौन-कौन शामिल है। तब तक इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजियों का दौर जारी रहेगा।

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स्वाति मालीवाल की मेडिकल रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, शरीर के इन हिस्सों पर लगी चोट https://chaupalkhabar.com/2024/05/18/swati-maliwal-of-medical/ https://chaupalkhabar.com/2024/05/18/swati-maliwal-of-medical/#respond Sat, 18 May 2024 07:52:15 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=3284 दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी (आप) की सांसद स्वाति मालीवाल की मारपीट मामले में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हुई उनकी एमएलसी (मेडिकल) रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में कुछ महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं, जिनसे यह पता चलता है कि स्वाति मालीवाल के शरीर के किन हिस्सों में …

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दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी (आप) की सांसद स्वाति मालीवाल की मारपीट मामले में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हुई उनकी एमएलसी (मेडिकल) रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में कुछ महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं, जिनसे यह पता चलता है कि स्वाति मालीवाल के शरीर के किन हिस्सों में चोटें लगी थीं। एमएलसी रिपोर्ट में बताया गया है कि स्वाति के शरीर पर चार जगह चोटें आई थीं। स्वाति मालीवाल की स्थिति का जायजा लेने के लिए एम्स के डॉक्टरों ने उनकी पूरी मेडिकल जांच की। इस जांच में पाया गया कि उनके शरीर पर चोट के निशान थे जो गंभीरता का संकेत दे रहे थे। डॉक्टरों के अनुसार, स्वाति के शरीर पर चार अलग-अलग स्थानों पर चोटें पाई गईं। इन चोटों में से कुछ ताज़ी थीं जबकि कुछ पुराने निशान भी थे, जो इस ओर संकेत करते हैं कि यह घटना किसी एक समय की नहीं हो सकती है।

एमएलसी रिपोर्ट में चोटों का विवरण देते हुए बताया गया है कि स्वाति के शरीर पर जो चोटें पाई गईं, वे विभिन्न अंगों पर थीं। रिपोर्ट के अनुसार, पहली चोट उनके दाहिने कंधे पर थी, जो एक गहरे चोट का निशान था। दूसरी चोट उनकी बाईं कोहनी पर थी, जिसमें सूजन और गहरे नीले रंग का निशान देखा गया। तीसरी चोट उनकी पीठ के निचले हिस्से में थी, जो मांसपेशियों में गहरी चोट का संकेत दे रही थी। चौथी और सबसे गंभीर चोट उनके बाएं घुटने पर पाई गई, जिसमें हड्डी के पास की मांसपेशियों में गंभीर क्षति का संकेत था। इन चोटों की जानकारी मिलते ही दिल्ली महिला आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की मांग की है। आयोग की अध्यक्ष रेणुका शर्मा ने कहा कि यह घटना महिलाओं की सुरक्षा के प्रति हमारे समाज की उदासीनता को दर्शाती है और इस पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वाति मालीवाल की स्थिति को देखते हुए उनकी सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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स्वाति मालीवाल ने अपनी एमएलसी रिपोर्ट मिलने के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस में अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके ऊपर हमला महिलाओं की आवाज को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को संसद में उठाएंगी और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगेंगी। स्वाति मालीवाल ने यह भी कहा कि यह हमला सिर्फ उनके ऊपर नहीं बल्कि हर उस महिला पर हमला है जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत करती है। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने तुरंत और प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि हमलावरों को पकड़ने में देरी हुई और मामले की जांच में पुलिस ने लापरवाही बरती। उन्होंने यह भी मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।

मारपीट की इस घटना ने दिल्ली के राजनीतिक और सामाजिक माहौल में भी हलचल मचा दी है। आम आदमी पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि यह हमला एक साजिश के तहत किया गया है ताकि स्वाति मालीवाल की आवाज को दबाया जा सके। पार्टी ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को फिर से प्रमुखता से उठाया है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा और अपराधों की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं। स्वाति मालीवाल की मारपीट की यह घटना समाज में महिलाओं की स्थिति को दर्शाती है और यह स्पष्ट करती है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

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स्वाति मालीवाल ने अपनी चोटों और इस घटना के बारे में बताते हुए कहा कि यह उनकी हिम्मत को तोड़ने की कोशिश थी, लेकिन वे और मजबूत होकर उभरेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले को न्यायालय तक ले जाएंगी और सुनिश्चित करेंगी कि दोषियों को उनके अपराध की सजा मिले। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि यह घटना महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति हमारे समाज की उदासीनता को दर्शाती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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अरविंद केजरीवाल द्वारा परिवार के साथ cp के हनुमान मंदिर में की गई पूजा, भगवंत मान भी साथ दिखे. https://chaupalkhabar.com/2024/05/11/arvind-kejriwal-by-p/ https://chaupalkhabar.com/2024/05/11/arvind-kejriwal-by-p/#respond Sat, 11 May 2024 06:59:27 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=3184 सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम जमानत के बाद अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार की आज दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में पहुंची। इस मौके पर भगवंत मान भी उनके साथ दिखे। इस दौरान केजरीवाल ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और हनुमानजी के आगे माथा टेका। केजरीवाल कल जेल से बाहर आए थे, जहां उन्हें …

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सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम जमानत के बाद अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार की आज दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में पहुंची। इस मौके पर भगवंत मान भी उनके साथ दिखे। इस दौरान केजरीवाल ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और हनुमानजी के आगे माथा टेका। केजरीवाल कल जेल से बाहर आए थे, जहां उन्हें दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम जमानत मिली थी।

केजरीवाल ने अपने कार्यकाल के दौरान अनेक बड़े कदम उठाए हैं, जिसमें उनकी दिल्ली में शराब की पाबंदी और बिजली-पानी की सस्ती व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं। उनके इस कार्यकाल में आम आदमी के मुद्दों पर ध्यान देने के लिए कई बार उन्होंने विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। केजरीवाल की अंतरिम जमानत मिलने के बाद, उन्होंने आज अपने समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मैं अपनी पूरी ताकत से तानाशाही के खिलाफ लड़ रहा हूं, लेकिन (देश के) 140 करोड़ लोगों को साथ आना होगा। हमें मिलकर इसके खिलाफ लड़ना है। मुझे आपके बीच आकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने आपसे कहा था कि मैं जल्द ही बाहर आऊंगा और सबसे पहले, मैं भगवान हनुमान को प्रणाम करना चाहता हूं। हनुमान जी के आशीर्वाद से ही मैं आपके बीच हूं।”

केजरीवाल के इन वक्तव्यों के बाद, उनके समर्थकों में उम्मीद की किरणें जाग गई इसी के साथ सौरभ भारद्वाज, जो की दिल्ली के कैबिनेट मंत्री है केजरीवाल का स्वागत किया और कहा, की “केजरीवाल जी का जेल से बाहर आना हम सभी के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। कुछ बड़ा होने अंदेशा है, हनुमानजी उनसे कोई बहुत बड़ा काम करवाएंगे।” इसके बाद उन्होंने यह भी बताया कि केजरीवाल दोपहर एक बजे आप कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

इसके अलावा, आज शाम को 4 बजे लोकसभा चुनाव में पहली बार एक रोड शो करेंगे। साथ ही, दक्षिण दिल्ली से पार्टी उम्मीदवार सहीराम पहलवान के पक्ष में केजरीवाल महरौली में रोड शो करेंगे, जिसमें उनके साथ तमाम बड़े नेता और पंजाब के सीएम भगवंत मान भी शामिल होंगे। सीएम पूर्वी दिल्ली से AAP प्रत्याशी कुलदीप कुमार के लिए भी शाम 6 बजे कृष्णा नगर में रोड शो किया जाएगा। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केजरीवाल कल यानी शुक्रवार को जेल से बाहर आए थे। उन्हें 21 मार्च को अरेस्ट किया गया था। उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा था कि वे तानाशाही के खिलाफ लड़ रहे हैं और इस लड़ाई में सबको मिलकर होना होगा।

केजरीवाल की अंतरिम जमानत के बाद, उनके समर्थकों में उम्मीद की किरणें जगीं। सौरभ भारद्वाज, दिल्ली के कैबिनेट मंत्री ने भी उनके इस उद्घाटन को बड़ा माना और कहा, “केजरीवालजी का जेल से निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। कुछ बड़ा होने वाला है, हनुमानजी उनसे कोई बहुत बड़ा काम करवाएंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि केजरीवाल दोपहर एक बजे आप कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

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इसके अलावा, आज शाम को 4 बजे लोकसभा चुनाव में पहली बार एक रोड शो करेंगे। साथ ही, दक्षिण दिल्ली से पार्टी उम्मीदवार सहीराम पहलवान के पक्ष में केजरीवाल महरौली में रोड शो करेंगे, जिसमें उनके साथ तमाम बड़े नेता और पंजाब के सीएम भगवंत मान भी शामिल होंगे। सीएम पूर्वी दिल्ली से AAP प्रत्याशी कुलदीप कुमार के लिए भी शाम 6 बजे कृष्णा नगर में रोड शो किया जाएगा।

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