hemant soren - chaupalkhabar.com https://chaupalkhabar.com Tue, 27 Aug 2024 10:31:27 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://chaupalkhabar.com/wp-content/uploads/2024/08/cropped-Screenshot_2024-08-04-18-50-20-831_com.whatsapp-edit-32x32.jpg hemant soren - chaupalkhabar.com https://chaupalkhabar.com 32 32 झारखंड की सियासत में हलचल, पूर्व सीएम चंपई सोरेन भाजपा में होंगे शामिल। https://chaupalkhabar.com/2024/08/27/jharkhands-politics-is-in-turmoil/ https://chaupalkhabar.com/2024/08/27/jharkhands-politics-is-in-turmoil/#respond Tue, 27 Aug 2024 10:31:27 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=4454 झारखंड में विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की घोषणा करने वाले हैं। भाजपा प्रदेश प्रभारी और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस खबर की पुष्टि की। चंपई सोरेन 30 …

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झारखंड में विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की घोषणा करने वाले हैं। भाजपा प्रदेश प्रभारी और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस खबर की पुष्टि की। चंपई सोरेन 30 अगस्त को रांची में भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होंगे। चंपई सोरेन ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और भाजपा में शामिल होने के निर्णय की पुष्टि की। उनकी दिल्ली की यह यात्रा उनकी झामुमो से अलग होने की अटकलों के बीच आई है। चंपई ने झामुमो नेतृत्व पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया और एक नई राजनीतिक राह तलाशने की बात कही थी।

चंपई सोरेन की राजनीति में एक लंबी यात्रा रही है। उन्होंने 1991 में निर्दलीय विधायक के रूप में राजनीति में कदम रखा और फिर 1995 में झामुमो के टिकट पर विधायक बने। इसके बाद उन्होंने 2005, 2009, 2014 और 2019 में विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की। झारखंड के आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है, जिससे उन्हें ‘झारखंड टाइगर’ के उपनाम से जाना जाता है। चंपई ने शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन के साथ मिलकर झारखंड के आदिवासी समुदाय के हितों के लिए काम किया।

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चंपई ने 2010 से 2014 तक विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली और 2019 में हेमंत सोरेन की सरकार में महत्वपूर्ण मंत्री पदों पर कार्य किया। हाल ही में, 31 जनवरी 2024 को भूमि घोटाले के आरोपों में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री का पद सौंपा गया। लेकिन, जुलाई 2024 में हेमंत सोरेन की जमानत पर रिहाई के बाद चंपई को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया और वे फिर से कैबिनेट मंत्री के पद पर नियुक्त हुए।

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चंपई सोरेन के झामुमो से अलग होने और भाजपा में शामिल होने के निर्णय ने झारखंड की राजनीतिक स्थिति को और भी जटिल बना दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे के बाद झामुमो के नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए थे और एक नई राजनीतिक दिशा की ओर कदम बढ़ाया। अब देखना यह होगा कि भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक यात्रा कैसी रहती है और झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

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विपक्षी बहिष्कार में दरार, ममता बनर्जी के बाद हेमंत सोरेन भी नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे…. https://chaupalkhabar.com/2024/07/26/opposition-boycott-in-rate/ https://chaupalkhabar.com/2024/07/26/opposition-boycott-in-rate/#respond Fri, 26 Jul 2024 11:09:58 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=4047 हाल ही में देश की राजनीति में एक नया मोड़ आया है, जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की कि वे नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे। यह घोषणा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद आई है, जिन्होंने पहले ही बैठक में भाग लेने की घोषणा की थी। यह निर्णय …

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हाल ही में देश की राजनीति में एक नया मोड़ आया है, जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की कि वे नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे। यह घोषणा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद आई है, जिन्होंने पहले ही बैठक में भाग लेने की घोषणा की थी। यह निर्णय विपक्षी दलों के बीच मतभेद को उजागर करता है, जो नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने का विचार कर रहे थे। नीति आयोग की बैठक का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के विकास और नीति निर्माण पर चर्चा करना है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होते हैं। विपक्षी दलों ने पहले इस बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था, उनका आरोप था कि केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों का हनन कर रही है और नीति आयोग का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे इस बैठक में भाग लेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे नीति आयोग की बैठक में भाग लें और राज्य के मुद्दों को उठाएं। ममता बनर्जी का यह निर्णय विपक्षी दलों के बहिष्कार में पहली दरार के रूप में देखा गया। हेमंत सोरेन ने ममता बनर्जी के बाद अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए इस बैठक में भाग लेना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का यह एक महत्वपूर्ण मंच है और वे इसे छोड़ नहीं सकते।

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हेमंत सोरेन और ममता बनर्जी के इस निर्णय के बाद विपक्षी दलों के बीच मतभेद और गहरे हो गए हैं। कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने अभी भी बहिष्कार पर डटे रहने का निर्णय लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह बैठक सिर्फ एक औपचारिकता है और इसमें कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी एकता को मजबूत रखने के लिए बहिष्कार आवश्यक है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम विपक्षी एकता के लिए एक चुनौती है। ममता बनर्जी और हेमंत सोरेन का निर्णय यह दर्शाता है कि राज्यों के मुख्यमंत्री अपने राज्य के विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं, बजाय कि वे विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए एक सामूहिक निर्णय लें। विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना विपक्षी दलों के बीच रणनीतिक मतभेद को उजागर करती है और आगामी चुनावों में इसका प्रभाव देखा जा सकता है।

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“मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा में बहुमत साबित कर कैबिनेट का विस्तार किया, तीन नये चहरे भी होंगे शामिल। https://chaupalkhabar.com/2024/07/08/chief-minister-hemant-soren/ https://chaupalkhabar.com/2024/07/08/chief-minister-hemant-soren/#respond Mon, 08 Jul 2024 13:25:14 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=3869 सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा में बहुमत साबित कर एक बार फिर अपनी सरकार की स्थिति को मजबूत किया। इसके साथ ही, दोपहर चार बजे उनके नेतृत्व में कैबिनेट का विस्तार भी हुआ। राजभवन में आयोजित इस समारोह में सभी नए मंत्रियों को राज्यपाल द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। …

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सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा में बहुमत साबित कर एक बार फिर अपनी सरकार की स्थिति को मजबूत किया। इसके साथ ही, दोपहर चार बजे उनके नेतृत्व में कैबिनेट का विस्तार भी हुआ। राजभवन में आयोजित इस समारोह में सभी नए मंत्रियों को राज्यपाल द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। विशेष रूप से, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को हेमंत सोरेन के बाद कैबिनेट में नंबर दो की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह हेमंत सोरेन का तीसरा कार्यकाल है। नए कैबिनेट में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सात, कांग्रेस के चार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक मंत्री शामिल किए गए हैं। कांग्रेस से डॉ. इरफान अंसारी और दीपिका पांडेय सिंह को नए चेहरों के रूप में शामिल किया गया है, जबकि झामुमो से बैद्यनाथ राम को भी नई भूमिका में प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, बैद्यनाथ राम पूर्व में भी मंत्री रह चुके हैं।

शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में आयोजित किया गया था, जिसमें मंत्रियों, विभागीय सचिवों और कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। सबसे पहले चंपई सोरेन ने शपथ ली और फिर अन्य मंत्रियों ने एक-एक कर शपथ ग्रहण की। इस प्रकार, चंपई सोरेन ने कैबिनेट में नंबर दो की स्थिति हासिल की। उनके इस नई जिम्मेदारी को लेने से पार्टी में उनके नाराज होने की अफवाहों पर भी विराम लग गया है झारखंड की विधानसभा में कुल 81 विधायक हैं, जिसके आधार पर मुख्यमंत्री समेत कुल 12 मंत्रियों की नियुक्ति की जा सकती है। हेमंत सोरेन सरकार ने पहले चार वर्षों में 11 मंत्रियों के साथ ही काम चलाया। इनमें झामुमो के छह, कांग्रेस के चार और राजद के एक मंत्री शामिल थे। इस बार झामुमो के एक और सदस्य को शामिल करके मंत्रियों की संख्या सात कर दी गई है। इस प्रकार, अब कैबिनेट अपने पूर्ण स्वरूप में है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार, किसी भी राज्य में सांसदों अथवा विधायकों की संख्या के 15 प्रतिशत सदस्यों को ही कैबिनेट में रखा जा सकता है। झारखंड में 81 विधायकों के हिसाब से यह संख्या 12 तक होती है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में अब कैबिनेट इस प्रकार से तैयार है:

1. हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री, झामुमो
2. चंपई सोरेन, झामुमो
3. डा. रामेश्वर उरांव, कांग्रेस
4. सत्यानंद भोक्ता, राजद
5. बैद्यनाथ राम, झामुमो
6. दीपक बिरुआ, झामुमो
7. बन्ना गुप्ता, कांग्रेस
8. डा. इरफान अंसारी, कांग्रेस
9. मिथिलेश कुमार ठाकुर, झामुमो
10. हफीजुल हसन, झामुमो
11. बेबी देवी, झामुमो
12. दीपिका पांडेय सिंह, कांग्रेस

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हेमंत सोरेन की इस नई कैबिनेट में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि विभिन्न दलों से अनुभवी और नए चेहरों का समावेश किया गया है, जो राज्य के समग्र विकास के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। चंपई सोरेन की नंबर दो की स्थिति उन्हें पार्टी में उनके कद और महत्व को दर्शाती है। इसके साथ ही, कांग्रेस और राजद के मंत्रियों की भागीदारी सरकार की सहयोगी रणनीति को मजबूत करती है। इस कैबिनेट विस्तार से सरकार के आगामी कार्यकाल में कई नई योजनाओं और विकास कार्यों की उम्मीद की जा रही है। हेमंत सोरेन ने अपने तीसरे कार्यकाल में विकास और समृद्धि को प्राथमिकता देने की बात कही है, जिससे झारखंड के लोगों की उम्मीदें और अधिक बढ़ गई हैं। नई कैबिनेट के गठन के बाद, सभी मंत्रियों से अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि राज्य में प्रगति और विकास की नई लहर आए।

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चंपई सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया, हेमंत सोरेन बनेंगे नए मुख्यमंत्री. https://chaupalkhabar.com/2024/07/04/champai-soren-ne-jharkhand-ke-mu/ https://chaupalkhabar.com/2024/07/04/champai-soren-ne-jharkhand-ke-mu/#respond Thu, 04 Jul 2024 08:41:19 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=3843 झारखंड में हाल ही में राजनीतिक घटनाक्रम में बड़ी हलचल मची है। राज्य के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बुधवार की देर शाम को वह राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश …

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झारखंड में हाल ही में राजनीतिक घटनाक्रम में बड़ी हलचल मची है। राज्य के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बुधवार की देर शाम को वह राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसका मतलब है कि हेमंत सोरेन एक बार फिर झारखंड के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेतृत्व वाले गठबंधन के विधायकों के बीच सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में वापसी करने के लिए तैयार हैं। सूत्रों के अनुसार, गठबंधन के नेताओं और विधायकों ने रांची में मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के आवास पर एक बैठक के दौरान सर्वसम्मति से हेमंत सोरेन को जेएमएम विधायक दल का नेता चुना है। पार्टी के एक सूत्र द्वारा न्यूज एजेंसी को बताया गया की , “बैठक में चंपई सोरेन के स्थान पर हेमंत सोरेन को लाने का फैसला लिया गया है।

झारखंड में JMM की सरकार बनने का दावा पेश करने के बाद JMM के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन द्वारा बयान दिया गया,उन्होंने कहा की “CM (चंपई सोरेन) ने आपको सब कुछ बता दिया है। हम आपको सब कुछ विस्तार से बताएंगे। हमने सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है। राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद झारखंड के सीएम चंपई सोरेन ने कहा, “कुछ दिन पहले, मुझे मुख्यमंत्री बनाया गया और मुझे राज्य की जिम्मेदारी सौपी गयी थी । परन्तु अब स्थिती बदल गयी है और हेमंत सोरेन के वापस आने के बाद, हमारे गठबंधन ने यह निर्णय लिया है और हमने हेमंत सोरेन को हमारा नेता चुना।है , जिसके बाद अब मैं इस मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देता हूँ।

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हेमंत सोरेन को लगभग 5 माह के बाद 28 जून को जेल से रिहा कर दिया गया है। हाई कोर्ट द्वारा कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत दे दी गयी हैं । 31 जनवरी को गिरफ्तारी से पहले उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। हेमंत सोरेन पर आरोप है की उन्होंने 31 करोड़ रुपए से अधिक की 8.86 एकड़ जमीन अवैध रूप से हासिल की है। और जिसके बाद ED द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद 31 जनवरी को कथित भूमि घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले गिरफ्तार कर लिया था। हेमंत सोरेन की वापसी झारखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उन्होंने पहले भी मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं और राज्य के विकास में उनका अहम योगदान रहा है। उनकी वापसी से पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक खुश हैं और उम्मीद है कि वे फिर से राज्य की बेहतरी के लिए काम करेंगे।

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इस राजनीतिक घटनाक्रम से झारखंड में एक नई सरकार बनने की संभावना बढ़ गई है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा और उनके सहयोगी दल राज्य की नई सरकार बनाने की तैयारी में जुट गए हैं। राज्य के नागरिकों को भी उम्मीद है कि यह नया नेतृत्व राज्य के विकास और समृद्धि के लिए सकारात्मक कदम उठाएगा।

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हेमंत सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत, रांची जमीन घोटाला मामले में थे आरोपी https://chaupalkhabar.com/2024/06/28/mant-soren-ko-jharkhand-haiko/ https://chaupalkhabar.com/2024/06/28/mant-soren-ko-jharkhand-haiko/#respond Fri, 28 Jun 2024 07:08:20 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=3770 झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो नेता हेमंत सोरेन को रांची जमीन घोटाले के मामले में हाईकोर्ट द्वारा जमानत मिलने के बाद विवाद का नया मोड़ आ गया है। इस फैसले के बाद, सोरेन बेल बॉन्ड भरने के बाद जेल से बाहर आ सकेंगे। यह मामला अनधिकृत रूप से 8.86 एकड़ जमीन कब्जे करने के …

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो नेता हेमंत सोरेन को रांची जमीन घोटाले के मामले में हाईकोर्ट द्वारा जमानत मिलने के बाद विवाद का नया मोड़ आ गया है। इस फैसले के बाद, सोरेन बेल बॉन्ड भरने के बाद जेल से बाहर आ सकेंगे। यह मामला अनधिकृत रूप से 8.86 एकड़ जमीन कब्जे करने के आरोपों से जुड़ा हुआ है, जिसे पीएमएलए एक्ट के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दर्ज किया गया है। जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान, ईडी की ओर से पेश किए गए तथ्यों के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता एसवी राजू ने अदालत में बयान दिया कि हेमंत सोरेन ने अवैध तरीके से बड़गाईं अंचल में जमीन पर कब्जा किया है। यह अनुमान ईडी के द्वारा पीएमएलए एक्ट के तहत विधिक मान्यताओं के उल्लंघन को दर्शाता है।

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इस मुद्दे पर सोरेन की ओर से दी गई बयान में, सुप्रीम कोर्ट की वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने अदालत को बताया कि यह मामला केवल राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है और इसे मनी लॉन्ड्रिंग के तर्क से देखना गलत होगा। उन्होंने इसे केंद्र सरकार द्वारा ईडी के दुरुपयोग के तरीके से किया गया दावा बताया। अदालत ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और 13 जून को फैसला सुरक्षित रखा था। इस फैसले के बाद, सोरेन को जमानत मिलने का समाचार राजनीतिक दायरे में गहरी चर्चाओं का कारण बना। उन्होंने जमानत के लिए लंबे समय से प्रयास किए थे, जो अब सफलतापूर्वक समाप्त हो गए हैं।

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झारखंड की राजनीतिक दीवारों में इस मामले की महत्वपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जिसमें सोरेन और ईडी के बीच की जंग व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थों के संघर्ष को दर्शाती है। विवादित जमीन कब्जे के बारे में तकनीकी और कानूनी पहलू निपटाने के लिए अदालती प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी।

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ED की पूछताछ के ख़िलाफ़ हेमंत सोरेन की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई, कहा- पहले हाई कोर्ट जाएं https://chaupalkhabar.com/2023/09/18/ed-sent-notice-to-hemant-soren-for-fourth-time-summons-challenging-petition-heard-in-supreme-court-today-plea-denied-by-the-court/ https://chaupalkhabar.com/2023/09/18/ed-sent-notice-to-hemant-soren-for-fourth-time-summons-challenging-petition-heard-in-supreme-court-today-plea-denied-by-the-court/#respond Mon, 18 Sep 2023 12:24:57 +0000 https://chaupalkhabar.com/?p=1646 Jharkhand के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें घटने का नाम ही नही ले रही है . हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ के लिए इसबार चौथी बार समन भेजा है. ED ने समन भेजते हुए झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राजधानी रांची स्थित ED कार्यलय में आगामी …

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Jharkhand के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें घटने का नाम ही नही ले रही है . हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ के लिए इसबार चौथी बार समन भेजा है. ED ने समन भेजते हुए झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राजधानी रांची स्थित ED कार्यलय में आगामी 23 सितंबर को पूछताछ के लिए मौजूद होने का आदेश दिया है. ED द्वारा भेजे गए इस समन से प्रदेश में सियासत तेज हो गई है.

प्रवर्तन निदेशालय के समन को चुनौती देते हुए झारखण्ड के मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन ने पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल किया था, जिसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें झटका दे दिया. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया. माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने हेमंत सोरेन की जमानत याचिका यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया की ,मामला राज्य से जुड़ा है तो पहले आप हाई कोर्ट जाइए.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इससे पहले भी ईडी रांची जमीन घोटाले मामेल तीन बार समन नोटिस भेज चुकी है. लेकिन हर बार निजी कारणों का हवाला देकर हेमंत सोरेन ने ईडी के सामने पेश होने में असमर्थतता जताई है. इसबार ED ने संबंधित केस में सीएम सोरेन को चौथी बार  समन भेजा था, लेकिन इसबार समन को चुनौती देते हुए हेमंत सोरेन सुप्रीम कोर्ट पहुँच गए थे. जहाँ  सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पहले हाई कोर्ट जाने का आदेश दे दिया.

बता दें कि पिछले बार ईडी द्वारा भेजे गए समन के जवाब में सीएम सोरेन ने जी20 में राष्ट्रपति के द्वारा भेजे गए निमंत्रण भोज में शामिल होने का हवाला देते हुए, पूछताछ के लिए उपस्थित होने में अपनी असमर्थतता जताई थी.

मीडिया में प्रकाशित हुई एक खबर के मुताबिक, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ईडी की ओर से मांगे गये संपत्ति के ब्यौरे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने यह कहके बात को टाल दिया कि वह पहले ही ईडी को संपत्ति का पूरा ब्यौरा दे चुके हैं. लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वह फिर से एक कॉपी दे सकते हैं.  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में ई़़डी द्वारा की जा रही कार्रवाई पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है की , पुरे मामले में मालिकाना हक और उन पर कब्जा वाली प्रोपर्टी के सोर्स को लेकर पीएमएलए के तहत जांच की आड़ में उनको लगातार परेशान किया जा रहा है. हालांकि इस पुरे मामले में विस्तृत जानकारी ईडी और सीबीआई को पहले ही दी जा चुकी है.

 

Brajesh Kumar

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